मोदी शाह के सामने अरुण जेटली ने किया 400 करोड़ का घोटाला, फिर भी नहीं की कोई कार्यवाही – कीर्ति आजाद

(रांची,धनबाद): झारखंड में धनबाद लोकसभा के लिए घोषित कांग्रेस प्रत्याशी कीर्ति आजाद ने कहा कि कांग्रेस में उनकी घर वापसी हुई है और धनबाद-बोकारो अपने पूर्वजों की धरती पर चुनाव लड़ने आए है। उन्होंने बताया कि वे गोड्डा के बेटे है और उनके पिता भगवत झा आजाद एकीकृत बिहार में मुख्यमंत्री थे, ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ, संघर्षशील मुख्यमंत्री का बेटा होने का गौरव है।

कीर्ति आजाद ने बताया कि 1982 से 1993 तक 11 वर्षो तक उन्होंने बोकारो के सेल में रोजी-रोटी के लिए नौकरी की। उन्होंने बताया कि कपिलदेव के नेतृत्व में 1983 में वर्ल्ड कप क्रिकेट जीतने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। इसके बाद उनका धनबाद आने-जाने का सिलसिला हमेशा लगा रहा, इसलिए धनबाद के लोगों की समस्या से वे अवगत है।

उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप के बाद दिल्ली से विधायक रहा, दरभंगा से तीन बार सांसद रहा, न खाउंगा न खाने दूंगा के नरेंद्र मोदी के जुमले से प्रभावित होकर उन्हें समर्थन दिया था लेकिन वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 400 करोड रुपया का घोटाला किया। घोटाले के संदर्भ में पूरे दस्तावेज के साथ उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मुलाकात की, लेकिन अरूण जेटली के उपर आरोप लगाना

उनको नागवार गुजरा। कीर्ति आजाद गुरुवार को रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कीर्ति आजाद ने कहा कि धनबाद से प्रत्याशी बनाया जाना उनके लिए सौभाग्य की बात है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें कर्म भूमि में काम करने के लिए भेजा है, जिस तरह से कांग्रेस के कार्यकर्ता धनबाद की जनता का समर्थन मिल रहा है और भाजपा को चुनौति देने के लिए महागठबंधन का उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है, उन्हें पूरा यकीन है कि धनबाद की जनता का आशीर्वाद मिलेगा और वे संसद में धनबाद और झारखंड की आवाज बनेंगे।

कांग्रेस प्रत्याशी ने केन्द्र की मोदी सरकार पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि 2014 के मोदी जी के वादे पर एक भी काम पूरा नहीं हुआ। अब जनता दोबारा उनके जुमले पर भरोसा कैसे करेगी? उन्होंने कहा कि न तो स्मार्ट सिटी बनी, न ही बुलेट ट्रेन चली, जिस प्रकार देश में बेरोजगारी बढ़ी है उससे देश का भविष्य का निर्माण कैसे होगा।

राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा था कि दिसम्बर 2018 तक सभी घर को बिजली दी जाएगी और 24 घंटे जीरो कट बिजली होगी नहीं तो वे वोट मांगने नहीं जाएंगे, नैतिकता तो यही कहती है मुख्यमंत्री को जनता के बीच वोट मांगने नहीं जाना चाहिए। जिस प्रकार झारखंड में जमीन लूट का उद्योग खोला गया है, इससे यह साफ होता है कि भाजपा अपने उद्योगपति मित्रों को भोलेभाले झारखंड के आदिवासियों की जमीन छीनकर देना चाहती है। आज झारखंड में रोजगार एवं जल जंगल एवं जमीन की लड़ाई मुख्य मुद्दा है। झारखंडवासियों को आज पलायन के लिए विवश होना पड़ रहा है।

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