आईएएस बी चंद्रकला मामले में आया एक और नया मोड़, छापेमारी के दौरान हुआ यह बड़ा खुलासा

आईएएस ऑफिसर बी चंद्रकला के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है और हर रोज एक से एक बड़े खुलासे हो रहे है. कभी आईएएस ऑफिसर बी चंद्रकला भ्रष्टाचार को दबाने के लिए जानी जाती थी लेकिन आजकल वह खुद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है. उनके ऊपर अवैध खनन के आवंटन मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई है और इस दौरान सीबीआई ने उनके फ्लैट पर छापेमारी भी की. इसी दौरान इस मामले में एक और नया मोड़ आया है जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

खुला यह राज

आईएएस ऑफिसर बी चंद्रकला के फ्लैट पर जिस दिन छापेमारी की गई उसे ठीक 9 दिन पहले उन्होंने तेलंगाना में एक प्रॉपर्टी खरीदी थी. यह प्रॉपर्टी एक आवासीय प्लॉट के रूप में है जो मलकाजगिरी जिले के ईस्ट कल्याणपुरी इलाके में स्थित है. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इस प्लाट की रजिस्ट्री बी चंद्रकला ने 27 दिसंबर 2018 को करवाई थी.

उठे यह सवाल

मामले में सबसे खास बात यह उभर कर आई कि 22.50 लाख रुपए के इस प्लॉट को बी चंद्रकला ने बिना किसी बैंक लोन के खरीदा था. छापेमारी से 3 दिन पहले बी चंद्रकला ने इमूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न यानी आईपीआर फाइल किया था. इस दौरान उन्होंने अपनी कुल सैलरी 91,400 रुपए बताई थी. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 2 जनवरी को फाइल किए गए रिटर्न में उन्होंने सिर्फ इसी प्रॉपर्टी की जानकारी दी थी.

इससे पहले के भरे रिटर्न में उन्होंने जिन प्रॉपर्टी की जानकारी दी थी वह अबकी बार नदारद थी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बी चंद्रकला ने पहले की सारी प्रॉपर्टी बेच दी या फिर किसी अन्य वजह से इन प्रॉपर्टीज की जानकारी नहीं दी.

क्या आपके विचार से बी चंद्रकला ने वास्तव में कोयला आवंटन मामले में घोटाला किया है, अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.

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