ताज़ा रिपोर्ट में खुलासा – राजस्थान चुनावों में भाजपा को 20 सीट भी मिलना मुश्किल – देखें

मध्य राजस्थान की 36 सीटों पर पिछले चुनाव में सूपड़ा साफ करवा चुकी कांग्रेस इस बार मजबूत स्थिति में है। इस बार करीब 20 सीटों पर कांग्रेस भाजपा को नाकों चने चबवा रही है। भाजपा को प्रचार के अंतिम दिनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभाओं का बड़ा फायदा हुआ है। भाजपा भी 11 सीटों पर आगे नजर आ रही है। पांच सीटों पर कांग्रेस में भाजपा के बागियों ने पकड़ बना रखी है।

जयपुर, अजमेर, टोंक व दौसा में टिकट बंटवारे से पहले की बदलाव की हवा में कुछ कमी भी आई है। ज्यादा नुकसान कांग्रेस को होता दिख रहा है। टिकट वितरण से पहले कांग्रेस के पाले में नजर आने वाली कुछ सीटें तो जातिगत गणित की चूक के कारण हाथ से फिसलती नजर आ रही हैं। हालांकि दोनों ही दल बगावत से परेशान हैं। कांग्रेस के बागी ज्यादा सशक्त हैं। पिछले चुनाव में भी 4 सीटों पर प्रमुख दल जीत नहीं सके थे। तीन एनपीपी, एक निर्दलीय के खाते में गई थी।

दौसा: दिख रही मिलीजुली तस्वीरयहां बह रही परिवर्तन की हवा प्रचार के अंतिम दिन अचानक धीमी पड़ी है। मोदी फैक्टर ने कुछ असर दिखाया है। जिले में किरोड़ीलाल मीना को भी एक फैक्टर के तौर पर जरूर माना जाता है लेकिन आज तो उनके भतीजे राजेन्द्र मीना भी संघर्ष की स्थिति में हैं। प्रचार खत्म होने के बाद यहां की तस्वीर मिलीजुली दिख रही है।

अजमेर: बागी बिगाड़ रहे गणितटिकट वितरण से पहले यहां माहौल कांग्रेस के पक्ष में नजर आ रहा था। प्रत्याशी चयन के बाद तस्वीर बदल गई। भाजपा के लिए मुश्किल दिखने वाली उत्तर व दक्षिण सीट कुछ आसान हो गईं। केकड़ी और नसीराबाद में कांग्रेस आगे है। किशनगढ़ और मसूदा में बागियों की पौ बारह दिख रही है। पुष्कर एवं ब्यावर में कांटे का मुकाबला है।

टोंक: बदली-बदली है हवासचिन पायलट के उतरने के बाद हॉट सीट बनी टोंक में पहले दिन से कांग्रेस के पक्ष में झुका मुकाबला अब तक बना है। देवली-उनियारा और निवाई भी कांग्रेस की पकड़ में हैं। हालांकि मालपुरा में बागी की वजह से भाजपा कुछ फायदे में दिख रही है। आरएसएस के प्रभाव वाले इस जिले में कांग्रेस की मजबूती ने भाजपा की चिंता बढा रखी है।

जयपुर: गढ़ में मिल रही है चुनौतीराजधानी में बीते दो दशक बाद कांग्रेस मजबूत है। शहर और ग्रामीण दोनों जगह कमोबेश समान स्थिति दिख रही है। हालांकि अन्य जिलों की अपेक्षा जयपुर में भाजपा की स्थिति ज्यादा बेहतर है। खुद के ही पुराने रेकॉर्ड की वजह से पार्टी परेशान जरूर है। कोटपूतली, विराटनगर, जमवारामगढ़, हवामहल, विद्याधर नगर, सिविल लाइन्स, किशनपोल, बगरू और चाकसू में कांग्रेस फिलहाल भाजपा से रेस में बढ़त बनाए हुए है।

आदर्श नगर, चौमूं, झोटवाड़ा, आमेर और बस्सी भाजपा को थोड़ी राहत दे रहे हैं। सांगानेर और मालवीय नगर में कांटे का मुकाबला है। दूदू व शाहपुरा में बागियों ने दम लगा रखा है। पिछली बार 19 में से 16 सीटें भाजपा ने जीतीं, कांग्रेस को एक सीट पर संतोष करना पड़ा था। दो अन्य को मिलीं।

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