बासी रोटी घर से बाहर फें’कना नहीं है, इसके बारे में है न’बी का फर’मा’न, जा’न लें फा’यदे नु’कसा’न

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि अगर हमारे घर में रात में कुछ रोटी बच जाती है तो हमारे यहाँ या तो उसे किसी जानवर वगैरा को दे दिया जाता है या फिर उसे कूड़ेदान में डाल दिया जाता है या फिर बाहर यूँ ही फेंक दिया जाता है. बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो बासी खाना नहीं खाते हैं और कुछ लोगों को यह भी लगता है कि बासी खाना सेहत के लिए नुक सान देह होता है लेकिन ऐसा सोचने वाले एकदम गलत है.

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बासी खाना नुक सान नहीं बल्कि फायदा पहुंचाता है. वहीँ दूसरी बात यह है कि खाने चाहे जैसा भी हो हमें उसका एहतराम करना चाहिए. लेकिन हम आज आपको इ’स्ला’म के हवाले से बासी रोटी के बारे में बताने जा रहे हैं. एक रवायत है कि एक मर्तबा नबी किसी के घर गए तो खाने को कुछ माँगा. लेकिन उसके घर पर कुछ न था सिवाए बासी रोटी के. उसके आप से कहा कि या रसूल अगर,

आप इज़ाज़त दे तो मैं रोटियां ले आऊ. इसके बाद आपने उसे इज़ाज़त दी और साथ में उसे एक बात भी बताई कि बासी रोटी खाने में शिफा और बरकत है. इस तरह यह समझ लीजिये कि जिस घर में रो’टी की क’द्र की जाती है उस घर में रोटी की कभी कमी नहीं आती है. आपने आगे फ़र माया कि ऐसे घर में रिज्क का कोई मसला ही कभी नहीं आता है. इसके अलावा साइंस ने भी इस बात का,

प्रमाण दे दिया है कि बासी रोटी फाय देमंद है. आपको बता दें कि अगर किसी शख्स को शुगर है तो ऐसे में वह सुबह सुबह बासी रोटी दूध के साथ खाए तो उसकी बॉडी का शर्करा का स्तर संतुलित रहता है. वहीँ ब्ल’ड प्रे’शर की दिक्कत जिसे है वह बासी रोटी ठन्डे दूध के साथ ले तो फायदा होता है.

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