पैगम्बर पर कार्टून बनाने का एलान करने पर भड़के एर्दोगन और इमरान, दे दी पूरे विश्व को चेतावनी।

दुनिया मे ऐसा अक्सर कही ना कही देखने के लिए मिलता रहता है जिससे समुदायों को ठेस पहुंचती ही रहती है,ऐसा ही फिर से डच के एक व्यक्ति ने किया जिसको लेकर दुनिया भर के मुस्लिमों में गुस्से का माहौल है व उनकी तरफ़ से तीख़ी प्रतिक्रिया भी मिल रही है, अब उस व्यक्ति के विरोध में तुर्की राष्ट्रपति तैयब एर्दोगन और पाकिस्तानि प्रधानमंत्री इमरान खान भी आ गए जिसको लेकर उन्होंने डच को चेतावनी भी है.

क्या है मामला?

नीदरलेंड में डच एमपी गीर्ट विल्डर्स ने इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर कार्टून प्रतियोगिता का प्रोग्राम करने की घोषण की है,इस एलान से दुनिया भर के मुस्लिमो में आक्रोश देखा जा रहा है,पडोसी देश पाकिस्तान में इस कार्यक्रम के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहे है.इस मसले पर पाकिस्तान की सरकार ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पाकिस्तान सरकार ने नीदरलेंड के राजदूत का इस मसले पर जवाब मांगा है.पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरेशी ने इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के जनरल सेक्रेटरी को एक पत्र लिखा जिसमे आपातकालीन स्थिति में बैठक बुलाने की मांग की.पाकिस्तान की इस कोशिश का तुर्की राष्ट्रपति तैयब एर्दोगन ने भी समर्थन दिया है.

तुर्की और पाकिस्तान ओआईसी दोनों के एक बैनर के फोटो में साझा रूप से इस मसले पर आवाज़ उठाने की सर्वसम्मति बनी है.पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने एक ट्वीट करके लिखा कि “पाकिस्तान और तुर्की ओआईसी के बैनर के तहत एक आवाज के साथ डच सरकार के साथ निंदा कार्टून प्रतियोगिता के मुद्दे को उठाने पर सहमत हुए हैं.”

मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरेशी ने सीनेट को सूचित किया था कि उन्होंने आपत्तिजनक सामग्री के मुद्दे पर इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के महासचिव को एक पत्र लिखा था जिसमे उन्होंने इस मसले पर एक आपात बैठक बुलाने की मांग की है.

सीनेट में बोलते हुए कुरेशी ने कहा कि निंदा के खिलाफ कदम नहीं उठाए गए तो ये इस्लाम के ख़िलाफ़ धार्मिक चरमपंथ को उजागर करेगा.इससे पहले सोमवार को, प्रधान मंत्री इमरान खान ने कहा कि मुस्लिम देशों के बीच एकता की कमी कमी है इस वज़ह से ऐसी घटनाओ पर संयुक्त राष्ट्र में पक्ष कमज़ोर हो जाता है.

पीएम इमरान ने मुस्लिम देशों की अंतरराष्ट्रीय नीति की अनुपस्थिति को मुस्लिम देशों की “सामूहिक विफलता” करार दिया.प्रधान मंत्री ने कहा कि हालांकि सरकार संयुक्त राष्ट्र के साथ इस मुद्दे को उठाएगी,लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मामले को इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) में उठाएगी और सामूहिक रूप से नीति तैयार करेगी जिसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मुस्लिम मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया जा सके।

ऐसा दुनिया मे पहली बार नही हुआ है बल्कि बार बार होता रहा है, कमलेश तिवारी व आदि नेताओ ने भी पैगम्बर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसकी वजह से उनको काफ़ी विरोध झेलना पड़ा था, और कोई भी मज़हब यह नही सिखाता की आप दूसरे मज़हब की मज़ाक या ग़लत बयानबाजी की जाए।,क्योंकि धर्म कोई सा भी बुरा नही होता बुरा होता है उसको मानने वाला और भी महज़ कुछ लोग होते हैं वरना जो धर्म के बताए रास्ते पर चलते हैं वह बुरे नही होते है।

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