बा’बरी और आ’ड’वा’णी की सुन’वाई कर रहे ज’ज को लेकर आई ब’ड़ी खब’र, जो सो’चा व’ही हु’आ

बा’बरी मा’मले में सुनाई सु’प्रीम को’र्ट में चल रही है. कुछ समय पहले कोर्ट ने एक मध्यस्था टीम का गठन किया था और कहा था कि बात चीत से भी इस माम’ले का हल तलाश करना चाहिए. इसके लिए इस मध्यस्था कमिटी में तीन सदस्यों को शामिल किया गया था. लेकिन कोई हल नहीं निकलने के बाद फिल हाल कोर्ट ने अपनी सुन वाई जारी की हुई है. इस बीच इस मामले की सुन वाई कर रहे सीबीआई के,

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जज एसके यादव के रिटायर्मेंट का वक़्त आ गया था. लेकिन जब वह इतने बड़े माम’ले से जुड़े हो और उस पर सुनवाई कर रहे हैं. तो इसे देखते हुए उनका कार्यकाल अब बढ़ा दिया गया है. आपको बता दें कि कोर्ट ने एसके यादव से इस मामले का फैसला जल्द से जल्द सुनाने को कहा था और इसके लिए अप्रैल 2020 तक का वक़्त दिया गया था जिसके भीतर उन्हें सुनवाई पूरी करनी थी.

आपको बता दें कि इस मामले में आडवानी समेट मुरली मनोहर जोशी से लेकर उमा भारती समेट के साथ कईयों पर मुक दमा चल रहा है. कार्यकाल बढाने को लेकर पहले कोर्ट ने यूपो सर कार से जवाब देने को कहा था लेकिन जब यूपी सर कार ने इसका जवाब दिया कि फिलहाल सूबे में किसी जज का कार्यकाल बढाने का प्राव धान फिलहाल नहीं. इसके बाद कोर्ट ने अपने अनुच्छेद 142 का,

इस्तमाल करते हुए यह फैसला लिया और जज का कार्यकाल बढ़ा दिया है. वहीँ दूसरी तरफ जज ने भी कहा था कि अभी उन्हें इसकी सुनवाई पूरी करने में छ महीने का वक़्त और लग सकता है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह संज्ञान लिया था और कहा था कि उनका सुन वाई करना बेहद ज़रूरी है. बहरहाल आपको बता दें कि इस मामले में फैलसे का दोनों पक्षों को काफी समय से इंतजार रहा है.

 

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