जु’मे वाले दिन बीवी सं’ग हम बि’स्त’री क’रना स’ही है या ग’ल’त, अ’ग’र आप जा’न लें तो ब’च जा’एंगे

इ’स्ला’म में इं’सा’नों को हर तरह की तालीम दी गयी है. मस लन हमें यह बताया गया है कि दुनिया में आने के बाद हमें किस तरह रहना है. और चूँकि यहाँ पर आने पर इंसान को तमाम तरह की ज़रुरत पूरी करनी होती है. कमाई से लेकर शादी और बच्चे तक करना होता है तो इ’स्ला’म में इसके तरीके और सालीखे के बारे में भी बताया गया है. इसके साथ साथ हमारे ऊपर हर रोज़ पांच वक़्त की न’मा’ज़ फर्ज की,

image source: google

गयी है लेकिन आपको बता दें कि जुमे का दिन और न’मा’ज़ कुछ ज्यादा ही ख़ास है हर मुस’ल’मान के लिए. ऐसा देखा जाता है कि जो मु’स्लि’म बाकी दिन भी न’मा’ज़ नहीं पढ़ते हैं वह भी जुमे के दिन न’मा’ज़ अदा ज़रूर करते हैं. ऐसे में आज हम आपको यह बात बताने जा रहे हैं कि जुमे की रात को शौहर को बीवी के साथ हम बि’स्ता’री नहीं करनी चाहिए. ऐसा समझ लीजिये कि जिस दिन जुमा है,

उसके पहले की रात यानी कि जुमे और जुमेरात  के बीच वाली रात जो आती है यहाँ पर उस रात की बात हो रही है. ऐसा करना मना किया गया है. इसके अलावा इस दिन यह भी कहा गया है कि जितनी जल्दी हो सके न’मा’ज़ का फ़र्ज़ अदा कर देना चाहिए और इसमें देर नहीं करना चाहिए. इसके अलावा ऐसे लोग भी हैं जो पहले बीवी के साथ वो कर लेते हैं और इसके बाद फ़र्ज़ न’मा’ज़ से पहले गुसल ए जना’बत करते हैं.

ऐसे शख्स के बारे में कहा गया है कि ऐसा करने वाले को जुमे की न’मा’ज़ अदा करने पर एक ऊंट की कु’र्बा’नी का सवाब मिलता है. इसके अलावा हम आपको जो वीडियो दे रहे हैं ज्यादा जानकारी के लिए आप से देख सकते हैं. उसे देखने के बाद आपके सारे सवाल का जवाब मिल जायेगा.

SHARE