केजरीवाल ने लिया ये बड़ा फ़ैसला, जनता मोदी पर कर रही थू-थू – देखें

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के जबाव में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जल्द ही दिल्लीवासियों को देश का सबसे बड़ा अस्पताल बनाकर देंगे. ये अस्पताल अपनी सुविधाओं में देश के सबसे बड़े अस्पतालों में गिने जाने वाले एम्स और सफदरजंग से भी बड़ा होगा.

इस योजना पर काम कर रहीं दिल्ली सरकार का उद्देश्य दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था की तरह ही दिल्ली की स्वास्थय सेवाओं को भी पूरी तरह बदलने का है. दिल्ली में भारी बहुमत के साथ आई केजरीवाल सरकार का ये कदम दिल्ली में बने मोहल्ला क्लिनिक के बाद स्वस्थ्य सेवाओं में दूसरा सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है.

इस अस्पताल की बात करें तो ये दिल्ली सरकार द्वारा ही संचालित दिल्ली के लोकनायक अस्पताल का विस्तार करके बनाया जाएगा. करीब 750 करोड़ की लागत से 23 मंजिल की इमारत तथा दो मंजिल की पार्किंग के निर्माण वाली इस योजना को 10 अलग अलग सरकारी विभागों से एनओसी पहले ही मिल चुकी है.

दिल्ली सरकार की इस परियोजना के बाद लोकनायक अस्पताल में मौजूद बिस्तरों की संख्या 2053 से बढ़ लगभाग दोगुनी हो जाएगी. इसी के साथ ही अस्पताल में मौजूद आईसीयू की संख्या भी 83 से बढ़ा कर 400 कर दी जाएगी. बताया जा रहा है कि इस योजना पर काम इसी साल शुरू होने की संभावना है.

अगर बात करें मोदी सरकार की तो हालही में मोदी सरकार द्वारा 3000 करोड़ की लागत से बनाई गई सरदार पटेल की मूर्ति का विरोध पूरे देश में किया जा रहा है. विरोध का मुख्य कारण मूर्ति बनाने में खर्च की गई एक बड़ी रकम और मूर्ति के पास से जबरन हटाए गए आदिवासियों के अधूरे विस्थापन को लेकर है. एकतरफ मोदी-राहुल ‘मंदिर-मंदिर’ घूमकर प्रचार कर रहे हैं दूसरी तरफ केजरीवाल स्कूल-अस्पताल घूम रहे हैं

विरोध कर रहे लोगो में एक बड़ा समूह उन लोगों का भी है जो मानते है कि सरदार पटेल की मूर्ति बनाने से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि नहीं मिल सकती. उनके अनुसार देश में इस वक्त आधारभूत सुविधाओं की भारी कमी है जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और इस तरह की भारी भरकम निवेश वाली योजनाओं से दूर रहना चाहिए.

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