लोकसभा चुनाव में भाजपा को होगा भारी नुकसान, कांग्रेस को मिलेंगी दोगुनी सीटें, पढ़ें पूरी खबर

देशभर में पिछले कुछ दिनों में समाचार चैनलों की ओर से कराए गए दो दर्जन से अधिक ओपीनियन पोल में अनुमान जताया गया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को सीटों का घाटा होगा, लेकिन वह सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है. राजग 261 से लेकर 310 तक सीटों के साथ चुनाव में जीत हासिल कर सकता है. टीवी 9-सी वोटर, जी 24 तास और एबीपी न्यूज चैनल को छोड़कर सभी अन्य चैनलों और चुनावी विशेषज्ञों ने राजग को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया है.

विभिन्न समाचार चैनलों की ओर से जनवरी से लेकर 8 अप्रैल के दौरान कुल 25 चुनावी सर्वे कराए गए, जिनमें अलग-अलग मापदंडों के आधार पर जनता की राय ली गई. इन सर्वे में से अधिकांश में भाजपा को 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की तुलना में घाटा होता दिखाया गया है. पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में 282 सीटों पर जीत दर्ज की थी. चुनाव विशेषज्ञ और भाजपा समर्थक चैनल भाजपा को 235 सीटों से अधिक नहीं दे रहे हैं, जबकि अन्य चैनलों का कहना है कि पार्टी 220 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी.

इन सर्वे में अनुमान जताया गया है कि राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस की सीटों का आंकड़ा 44 से बढ़कर 70 से 85 तक पहुंच सकता है. एक चैनल ने कांग्रेस को 100 से अधिक और संप्रग को कुल 143 सीटें मिलने का अनुमान जताया है. चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, अब किसी तरह का ओपीनियन पोल नहीं कराया जा सकेगा. चुनावी विशेषज्ञ अंतिम चरण के चुनाव के बाद 19 मई की शाम से एक्जिट पोल दिखा सकेंगे.

2014 को जीत दोहरा नहीं सकेगा एनडीए
अधिकांश सर्वे में कहा गया है कि महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना पिछले बार के अपने प्रदर्शन यानी 48 में से 41 सीटों पर जीत को नहीं दोहरा पाएगी. रिपब्लिक टीवी-जन की बात के अनुसार, राज्य में महायुति का आंकड़ा 36 पर आ जाएगा, जबकि इंडिया टीवी ने महायुति को 34, संप्रग को 13 और अन्य को एक सीट मिलने का अनुमान जताया है. न्यूज नेशन के मुताबिक महायुति को 33 सीटें मिल सकती हैं.

सपा-बसपा को बड़ी हिस्सेदारी
अधिकांश सर्वे में कहा गया है कि सपा-बसपा गठबंधन को उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता मिल सकती है. यह गठबंधन राज्य की 80 में से 36 सीटों पर कब्जा जमा सकता है. हालांकि, बिहार में भाजपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है. अनुमानों के अनुसार बिहार में राजद और कांग्रेस गठबंधन 9 सीटों तक सीमित रह सकता है.

केसीआर-जगन की बल्ले-बल्ले
अधिकांश चुनावी सर्वे दर्शाते हैं कि आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस और तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव की तेलंगाना राष्ट्र समिति भारी सफलता अर्जित करेंगे. चुनावी विशेषज्ञों का कहना है कि अपना रूझान बदलते रहने वाले मतदाताओं की संख्या 5 फीसदी से अधिक है और चुनाव प्रचार अभियान के जोर पकड़ने के साथ ही उनकी पसंद में भी बदलाव होता है.

ताजा घटनाक्रमों का होगा असर
यहां यह बात ध्यान रखनी होगी कि ये तमाम सर्वे जनवरी से 8 अप्रैल के दौरान हुए हैं और 7 चरणों में होने जा रहे चुनाव के दौरान होने वाले ताजा घटनाक्रमों के प्रभाव का इनमें आकलन नहीं किया गया है.

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