मायावती ने गोदी मीडिया को लगाई फटकार, बोलीं- मीडिया वाले…

कुछ मीडिया संस्थानों ने कल यानी 8 फरवरी को पूरे दिन बसपा से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। बसपा सांसद सतीश मिश्रा द्वारा मामले को समझाने के बाद भी मीडिया झूठ फैलाता रहा। लेकिन अब खुद बसपा सुप्रीमो मायावती ने झूठ फैलाने वाले मीडिया और बीजेपी को फटकार लगाई है। मीडिया अब भी इस मामले में लगातार भ्रम फैला रहा है, जबकि सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहे बसपा सांसद सतीश मिश्रा मीडिया में बता चुके हैं कि चीफ जस्टिस ने जो भी कहा वो महज एक मौखिक अवलोकन है। जो आर्डर हुआ है वो ये है कि इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी।

मायावती ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से लिखा है कि…

‘मीडिया कृप्या करके माननीय सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश ना करे। माननीय न्यायालय में अपना पक्ष ज़रूर पूरी मजबूती के साथ आगे भी रखा जायेगा। हमें पूरा भरोसा है कि इस मामले में भी मा. न्यायालय से पूरा इंसाफ मिलेगा। मीडिया व बीजेपी के लोग कटी पतंग ना बनें तो बेहतर है।’

दरअसल 8 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में बहुजन समाज पार्टी से जुड़े एक मुद्दे पर सुनवाई हुई। साल 2009 में रविकांत नाम के एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर मूर्ति निर्माण पर हुए करोड़ों के खर्च को बसपा से वसूलने की मांग की थी।

इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए 8 फरवरी को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा हमारा प्रारंभिक विचार है कि मैडम मायावती को मूर्तियों का सारा पैसा अपनी जेब से सरकारी खजाने को भुगतान करना चाहिए। चीफ जस्टिस का ये प्रारंभिक विचार है, आदेश नहीं है। प्रारंभिक विचार और आदेश में बहुत फर्क होता है। बावजूद इसके मीडिया ये लिखता रहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट का आदेश, मूर्तियों पर खर्च हुआ जनता का पैसा मायावती वापस लौटाएं’

मायावती ने अपने एक दूसरे ट्वीट में उन उद्यानों और स्मारकों का महत्व समझाया है जिसे लेकर विवाद चल रहा है। बसपा सुप्रीमो ने लिखा है ‘सदियों से तिरस्कृत दलित व पिछड़े वर्ग में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में निर्मित भव्य स्थल / स्मारक / पार्क आदि उत्तर प्रदेश की नई शान, पहचान व व्यस्त पर्यटन स्थल हैं, जिसके आकर्षण से सरकार को नियमित आय भी होती है।’

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