मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर मंडराया संकट, दोबारा हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सियासी उठापटक खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं कर पाई है। यही वजह है कि उसे चार निर्दलीय, एक सपा विधायक और दो बसपा विधायकों का समर्थन लेकर सरकार बनानी पड़ी है। हालांकि इसी बीच मध्य प्रदेश मैं सूत्रों के हवाले से खबरें प्राप्त हुई है कि कांग्रेस के तमाम विधायक मंत्री पद प्राप्त ना हो पाने से पार्टी से खासे नाराज चल रहे है। जबकि कुछ मंत्री पद की शपथ ले चुके विधायक अपना पसंदीदा विभाग न पाने से नाराज है।

हालांकि इसी बीच कांग्रेस के एक विधायक ने नाम न बताने की शर्त पर वनइंडिया को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के हाथ में रिमोट नहीं है तथा यह एक अस्थाई सरकार है और हो सकता है कि मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग को लोकसभा चुनावों के साथ ही दोबारा विधानसभा चुनाव संपन्न कराने पड़े।

क्योंकि जितने भी विधायक कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं भाजपा लगातार उनसे संपर्क किए हुए हैं। हालांकि हम सभी जानते ही हैं कि मध्य प्रदेश में सीटों का मामला लगभग बराबर बराबर पर टिका हुआ है, क्योंकि एक तरफ जहां कांग्रेस के नाराज विधायक भाजपा के संपर्क में है। वही दिग्विजय सिंह के अनुसार भाजपा के कुछ विधायक कांग्रेस के संपर्क में भी है तथा मुश्किल वक्त में वह कांग्रेस की मदद भी करेंगे।

अब ऐसे में मध्य प्रदेश की सियासत के बारे में कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। लेकिन मध्य प्रदेश की सियासत के बारे में आप क्या सोचते हैं? तथा क्या कांग्रेस 5 साल तक अपनी सरकार चला पाएगी। आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही हमारे चैनल को फॉलो करें।

न्यूज सोर्स: वनइंडिया हिंदी

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