कांग्रेस ने चला बड़ा दांव, टूट जाएगा मायावती के पीएम बनने का सपना – देखें

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस इन विधानसभा चुनावों के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए कांग्रेस ने एक तीर से दो निशाने लगाने का तगड़ा प्लान बनाया। दरअसल, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस दलितों को जोड़ने में लगी हुई है, जिससे वह अपनी धुर-विरोधी भाजपा के साथ मायावती के वोटबैंक पर भी सेंधमारी करने जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस लोकसभा चुनाव से पहले दलितों को अपने पक्ष में लामबंद करने के मकसद से ‘संविधान से स्वाभिमान’ अभियान शुरू करने जा रही है, जिसके तहत कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता कथिततौर पर मोदी सरकार की ‘दलित एवं संविधान विरोधी नीतियों’ के बारे में लोगों को अवगत कराएंगे।

वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और बसपा में मतभेदों के चलते गठबंधन नहीं हो पाया। इसको लेकर मायावती कांग्रेस पर हमला बोलती रही हैं। ऐसे में कांग्रेस दलितों के वोट पर सेंधमारी कर बसपा को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा स्वीकृत इस अभियान के अंतर्गत अगले 90 दिनों तक गांव-गांव जाकर दलित समाज के लोगों के साथ सीधा संपर्क साधा जाएगा तथा छोटे-बड़े सम्मेलनों का भी आयोजन किया जाएगा।

अगर ख़बरों की मानें तो मायावती कांग्रेस से गठबंधन करते करते रह गई, पार्टी की अंदरूनी ख़त पट ने मायावती को कांग्रेस का निशाना बना दिया. राहुल गाँधी और अखिलेश ने भी गठबंधन किया था लेकिन हार का सम्मन करना पड़ा था इसी के चलते मायावती ने कांग्रेस से गठबंधन न करके लोकसभा चुनावों में अपनी लड़ाई अकेले लड़ने का फ़ैसला लिया.

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