क्या आपने कभी ध्यान दिया कि संसद-राष्ट्रपति भवन में पंखें उल्टे क्यों लटके हैं? यह है ख़ास वजह

इन दिनों ख़बरों में संसद भवन में क्या चल रही है और कौन सा नेता क्या बोल रहा है, इसकी खबर आप लोग टीवी पर ज़रूर देखते होंगे। लेकिन आज हम आपको ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जिसकी तरफ आपने शायद पहले कभी नहीं ध्यान दिया होगा। पर आज हम आपको इसके बारे ए बताने जा रहे हैं। क्या आपने कभी संसद मभवन में लगे पंखों पर कभी ध्यान दिया है। उसमे एक ख़ास बात है। आज के इस युग में कोई ऐसा घर नहीं जहाँ आपको पंखा देखने को नहीं मिलेगा।

गर्मियों में सबसे ज्यादा अगर कोई राहत पहुँचाता हैं तो वह पंखा ही है। आप टीवी तो अक्सर देखते ही होंगे जहा आप देश का सबसे बड़ा पंचायत घर यानी संसद, लोकसभा और राज्यसभा के उलटे पंखे जरूर देखें होंगे। क्या आपने कभी सोचा ऐसा क्यों है? तो आज हम आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है। आपको बता दें कि राष्ट्रपति भवन में भी लगे पंखे ठीक ऐसे ही है।

असल में भारतीय संसद और राष्ट्रपति भवन में जो बड़े पंखे संसद की छत पर नही लटकाया।बल्कि सीलिंग फैन को खंभे बनाकर उस पर उल्टा रखा गया है। क्योंकि जब इन भवनों का निर्माण किया गया था तब इसका गुम्बद बहुत ऊँचे बनाये गए थे। और यह गुम्बद इन भवनों के मुख्य केंद्र हैं। उस जमाने ऊँची गुम्बद होने की वजह से छत भी बहुत ऊँची थी जिसके वजह से छत वाले पंखे लगाना बेहद मुश्किल था।

जिसके वजह से खंबे लगा कर उन पर उल्टे पंखे लगाए गए। इसका फायदा यह हुआ कि संसद के कोने कोने में हवा पहुंच गई और वहाँ मौजूद लोगों को बहुत आराम मिला। लेकिन अब टेक्नोलॉजी इतनी बढ़ गई है कि आसानी से पंखे लगाए जा सकते हैं लेकिन ऐतिहासिकता बरकरार रखने के लिए उसे पुराने स्वरुप में ही छोड़ दिया गया।

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