नामांकन भरते समय स्मृति इरानी पर पहली बार भारी पड़ी प्रियंका गाँधी, स्मृति इरानी को लगा बड़ा झटका, देखें

लोकसभा चुनाव की सबसे वीआईपी सीटों की बात की जाए तो उनमें सबसे ऊपर वाराणसी और अमेठी हैं। वाराणसी से पीएम मोदी तो अमेठी से राहुल गांधी चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल वैसे तो अमेठी के अलावा वायनाड से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन अमेठी में उनके खिलाफ स्मृति ईरानी चुनावी ताल ठोक रही हैं। गुरुवार को नामांकन करने के बाद ही स्मृति ईरानी के लिए बुरी खबर आ गई। पहली बार उनके खिलाफ प्रियंका का दांव भारी पड़ गया है।

गुरुवार को भरा अमेठी से पर्चा
स्मृति ईरानी ने साल 2014 में भी अमेठी से ही चुनाव लड़ा था। हैरानी की बात है कि उनको अमेठी की जनता ने पसंद भी किया था और राहुल की जीत का अंतर काफी कम हो गया था। इसके बाद से ही स्मृति ईरानी ने अमेठी जाना नहीं छोड़ा। भाजपा ने एक बार फिर अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ स्मृति ईरानी पर दांव खेला। उन्होंने गुरुवार को पहले हवन किया और इसके बाद अमेठी से नामांकन किया।

जानें स्मृति ईरानी के लिए बुरी खबर
नामांकन के बाद ही स्मृति को जो बड़ा झटका लगा है वो उनके करीबी भाजपा नेता का कांग्रेस में जाना है। बीजेपी नेता रविदत्त मिश्रा ने गुरुवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने प्रियंका की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनको कांग्रेस में लाने में प्रियंका की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। रविदत्त स्मृति के काफी करीबी नेता थे।

पहले लोकसभा चुनाव की रविदत्त ने ही की थी तैयारी
कम ही लोग जानते होंगे की रविदत्त ने ही स्मृति के पहले लोकसभा चुनाव की अमेठी से तैयारी की थी। इतना ही नहीं स्मृति जब मंत्री बनीं तो उन्होंने रविदत्त की पत्नी की दी हुई साड़ी पहनी थी। कम ही लोग जानते होंगे कि स्मृति जुबिन ईरानी अमेठी और लखनऊ प्रवास के दौरान रविदत्त मिश्रा के घर पर ही प्रवास करती रही हैं। वो 1992 से भाजपा में थे।

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