बड़ी खबर: शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की पो स्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए कई चौंकाने वाले खुलासे, देखें वीडियो

भड़की हिंसा में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पो स्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। पो स्टमार्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है। दरअसल में 3 दिसबंर को स्याना कोतवाली एरिया के चिंगरावठी एरिया में कथित गोवंश को लेकर गुस्साई भीड़ ने उग्र रुप धारण कर लिया और पुलिस जमकर बवाल काटा। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग कर दी। साथ ही सरकारी वाहनों में तोड़फोड़, चौकी में आगजनी की घटना को अंजाम दिया। इस घटना में स्याना कोतवाली इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की जा न चली गई। जबकि एक सुमित नाम के शख्स की गो ली लगने से मौ त हो गई। इंस्पेक्टर की सुबोध की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गो ली लगने से पहले उन्हें पत्थर भी मा रे गए थे।

सिर में फंसी थी गो ली

इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें दूर से गो ली मा री गई थी। सीएमओ केएन तिवारी ने बताया कि उन्हें एक गो ली मा री गई थी। सिर में गो ली का एक निशान मिला है। यह गो ली उनके बाएं आंख की भौं में लगकर अंदर जा घूसी थी। बाद में पीछे की तरफ से जाकर सिर में फंस गई।

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गो ली लगने का घाव है। यह एक सेमी से डेढ़ सेटीमीटर के बीच है। गो ली लगने के बाद में सिर के पिछले हिस्से में फंस गई थी। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुबोध कुमार सिर में पत्थर लगने के भी 5 से 6 घाव हैं। साथ ही उनके हाथ पर भी चोटों के निशान है।

भीड़ को देखकर भाग खड़े हुए थे सुबोध के साथ मौजूद पुलिसकर्मी

घटना के समय भीड़ ने पुलिस पर सीधे फायरिंग करनी शुरू कर दी थी। खेतों से भी पुलिस की टीम पर फायरिंग की गई थी। इस दौरान देशी तंमचों का इस्तेमाल भी किया गया था। भीड़ ने पहले पुलिस पर पथराव किया था। पथराव के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार घायल हो गए थे। भीड़ को समझाने के दौरान स्याना कोतवाली के इंजार्च सुबोध कुमार के साथ में ड्राइवर के अलावा कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। जैसे ही पुलिसकर्मी उन्हें जिप्सी में लेकर अस्पताल के लिए निकले तो भीड ने जिप्सी पर पथराव करना शुरू कर दिया। बाद में गो ली भी चलाई। इस दौरान पुलिसकर्मी वहां से भाग गए। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया। जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बजरंग दल का नेता को बनाया था पुलिस ने मुख्य आरोपी

इस घटना में पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया है। कथित गोकशी की शिकायत योगेश राज ने पुलिस से की थी। साथ ही उसने ही 7 लोगों के खिलाफ गोकशी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने गंभीर धाराओं में योगेश समेत 27 नामजद और 50 से 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

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