ट्रं’प ने अमे’रि’की मु’स्लि’मों को दिया 3 ब’ड़ा तो’हफा, ख’बर सुन लोगों ने ई’द की तरह म’नाई ख़ु’शी

अंतर्रा’ष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो अमे’रिका की छवी मु’स्लि’म वि’रो’धी बनी रही है। अमेरिका में रह रहे मुस’ल’मा’नों पर तरह तरह पा’बं’दियों के कारण अम’री’का को लेकर एक आम धारणा मु’स्लि’मों के बीच बनती जा रही है। भारत के प्रधानमंत्री न’रेंद्र मो’दी क’श्मीर मसले में डोनाल्ड ट्रम्प को अपना हिमायती बता रहे हैं। ऐसे में अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प ने मुस’ल’मानों के हक़ में तीन बड़े फैसले लिए हैं, जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

image source: google

जिन फैसलों से मुस’ल’मानों को बड़ा फायदा होने वाला है। ये फैसले मुस’लमा’नों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी हैं। आइये बताते हैं कि व तीन फैसले क्या हैं। गौरतलब है कि अमेरिका में अब तक अ’ज़ा’न सिर्फ म’स्जि’द के अंदर तक ही सी मित थी, म’स्जि’द के बाहर अ’ज़ा’न की आवाज़ आने पर पा’बंदी थी। वहां लाउड स्पीकर में अ’ज़ा’न नही दी जा सकती थी ऐसा करना का’नू’नन जुर्म था। ट्रम्प का पहला फै’सला अ’ज़ा’न की पा’बं’दी हटाने का है। अब अमरीका में लाउड स्पी कर पर अ’ज़ा’न दी जा सकती है। इससे मुस’ल’मानों को यह फायदा पहुंचा कि अब राह चलते मु’सल’मान भी अ’ज़ा’न की आवाज़ सुनकर म’स्जि’द में न’मा’ज़ पढ़ने पहुंच सकेंगे।

और अब सर ए आम अमेरिका में पांचों वक़्त अ’ज़ा’न की आवाज़ गूंजेगी। दूसरा फैसला भी अपने आप मे बहुत एहम और तारीफ के काबिल है। हाल ही में न्यूज़ीलैंड में म’स्जि’द पर हुए हमले को मद्देनज़र रखते हुए ट्रम्प सरकार ने अमेरिका में तमाम म’स्जि’दों को 24 घण्टे सेक्युरिटी में रखने का फैसला किया है जिससे म’स्जि’दों पर कोई ह’म’ला न हो सके और म’स्जि’दें सुर’क्षित रह सकें। जैसा कि भारत मे हालिया स’र’का’र ने म’स्जि’दों के बाहर तक न’मा’ज़ पढ़ने पर  के जगह रोक लगा दी है।

वहीं ट्रम्प सरकार ने अमेरिका में म’स्जि’दों में भीड़ होने के कारण बाहर तक न’मा’ज़ पढ़ने पर जो पाबंदी थी उसे हटा लिया है। ट्रम्प सरकार ने ये तीसरा व महत्वपुर्ण फैसला लिया है। ज्ञात हो कि अमे’रिका में पहले म’स्जि’द के बाहर सड़क पर नमाज़ पढ़ने पर पूर्णतः पाबंदी थी लेकिन अमेरिका के मुस’ल’मानों के प्रयासों ने ट्रम्प सरकार को यह ऐतिहासिक फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है. अब वहां यदि म’स्जि’दों में न’मा’ज़ी ज़्यादा होने की वजह से जगह कम पड़ती है तो न’मा’ज़ी म’स्जि’द के बाहर सड़क पर न’मा’ज़ पढ़ सकते हैं।

SHARE