जिसे आ’ज लोग खूबसू’रती के लिए पहन रहे, उसे न’बी ने आ’ग का गो’ला बताया, एक शख्स पास आया

आभूषण हर युग मे किसी न किसी रूप में व अलग अलग धा’तुओं के द्वारा बने हुए प्रचलित रहे हैं। न केवल औरतें बल्कि मर्द भी अपना वक़ार बढ़ाने के लिए सोने के आभूषण पहना करते थे। अर’ब देशों का हाल भी यही था। अरब के अमीर खूब सोना पहना करते थे। राजा महा राजाओं के ज़माने से ही आभू षणों को शोभा बढाने के लिए पहना जाता रहा है। आभूषणों में खास तौर पर सोने से बने आभूषण न केवल,

image source: google

सौंदर्य के लिए बल्कि अहं’कार के रूप में भी पहने जाते रहे हैं। लेकिन  आज हम आपको एक बहुत ही दिलचस्प बात बताने जा रहे हैं। यह वाकिया  खु’दा के आख़िरी र’सूल हज़’रत मुह’म्मद मुस्त’फ़ा स’ल्ल’ल्लाहु अलै’ही वस’ल्लम से जुड़ा हुआ है। इसमे खु’दा के न’बी ने एक चीज़ को आग का शोला कहा। आइये बताते हैं आपको कि आखिर वो क्या चीज़ थी जिसे अ’ल्ला’ह के र’सूल ने आग का शोला तक कह दिया।

एक दिन एक शख़्स खु’दा के आख़िरी र’सूल की खिदमत में हाज़िर हुआ जिसने अपने हाथों में सोने की अंगूठी पहनी हुई थी। उसे देख कर खु’दा के र’सू’ल हज़रत मु’ह’म्मद मुस्त’फ़ा ने ये कहते हुए उस शख्स से मुंह फेर लिए कि तुम मेरे पास आग का शोला लेकर आये हो। दोस्तो खु’दा के रसूल का इशारा उसकी अंगूठी की तरफ था. इ’स्ला’म मे मर्द को सोना पहनना ह’रा’म बताया गया है। एक ह’दी’स की मशहूर,

और ज़रूरी किताब जिसका नाम सुन्न नसा है. मैं हदीस नम्बर 1489 किताब नम्बर 6 में है कि मर्द के लिए सोना पहनना ह’राम है. रसू’ल’ल्ला’ह ने अपने सहाबा को सोना पहनने से मना फरमाया है। लेकिन आज इ’स्ला’म के मानने वाले लोग ही इस बात को नही जानते हैं और जो जानते हैं वो इसको नज़र अंदाज़ कर देते हैं। जबकि हर मुसल मान को र’सू’ल की तालीम और शरी अत पर अमल करना ज़’रूरी है।

SHARE