इस्लाम विरोधी वीडियो के कारण, यूट्यूब एक महीने के लिए बैन, शेयर की थी बेअदबी करने वाली फिल्म – देखें

इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद की बेअदबी करने वाली एक फिल्म को लेकर साल भर से लंबित अपील को निपटाते हुए मिस्र की सबसे बड़ी अदालत ने वीडियो साझा करने वाली वेबसाइट Youtube को एक महीने तक देश में ब्लॉक करने का आदेश दिया है।

निचली अदालत ने 2013 में वेबसाइट को ‘इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’ वीडियो आने के बाद ब्लॉक करने का आदेश दिया था, लेकिन आदेश के खिलाफ मिस्र के नेशनल टेलीकम्युनिकेशंस रेगुलेटरी अथॉरिटी में अपील की गई थी जिसने अदालत के आदेश पर रोक लगा दी थी। साल 2012 की फिल्म में पैगम्बर मोहम्मद को जिस तरह दिखाया गया था उसे लेकर पूरे वेस्ट एशिया में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन हुए थे जिसमें 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

अमरीका ने यह कहकर प्रदर्शनों को कम करने की कोशिश की थी कि फिल्म को निजी तौर पर बनाया गया था और इसे सरकार का समर्थन नहीं है। तब अमेरिकी अधिकारियों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला भी दिया था। मिस्र की सबसे बड़ी अदालत का फैसला आखिरी है और इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती है, हालांकि आज दोपहर में काहिरा में Youtube की वेबसाइट खुल रही थी।

मिस्र की शीर्ष प्रशासनिक अदालत ने शनिवार को यूट्यूब पर एक महीने का प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं. यूट्यूब पर प्रतिबंध लगाने का मुकदमा दायर करने वाले वकील ने कहा कि अदालत ने यह फैसला पैगंबर मोहम्मद की ईशनिंदा करने वाले वीडियो को यूट्यूब पर प्रचारित करने की वजह से लिया है.

सिन्हुआ के मुताबिक, वकील मोहम्मद हमाद सलेम ने कहा, ‘यह फैसला अंतिम और लागू करने योग्य है और इसके खिलाफ अपील भी नहीं की जा सकती.’ एक निचली प्रशासनिक अदालत ने पहले राष्ट्रीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (NTRA) को ऐसा करने के आदेश दिए थे लेकिन बाद में एनटीआरए ने इस फैसले के खिलाफ अपील करते हुए कहा था कि इसे लागू करना मुश्किल है.

शीर्ष प्रशासनिक अदालत ने शनिवार को NTRA की अपील खारिज करते यूट्यूब पर अस्थाई प्रतिबंध जारी रखने को अंतिम फैसला बताया और कहा कि इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो का नाम ‘इनोसेंस ऑफ मुस्लिम’ था. ये एक 13 मिनट की लोवर बजट वाली वीडियो थी. इसे कैलिफोर्निया में प्राइवेट फंडिंग से तैयार किया गया था. 2012 में इस वीडियो को दिखाए जाने के बाद इसने मिस्र और अन्य मुस्लिम देशो में अमेरिकी विरोधी लहर को उकसाया था. इसके तुरंत बाद मामला दायर किया गया था.

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